पीजी कोर्स में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खबर आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने CUET PG 2026 भारत के लिए परीक्षा शहर चुनने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उम्मीदवार अपनी पसंद के दो के बजाय अधिकतम चार परीक्षा शहरों का चयन कर सकते हैं। यह फैसला उन हजारों छात्रों को बड़ी राहत देने के लिए लिया गया है जिन्हें अक्सर अपने घर से दूर किसी अनजान शहर में परीक्षा देने जाना पड़ता था।
दरअसल, इस बार की प्रक्रिया में लचीलापन लाने की कोशिश की गई है। रजिस्ट्रेशन की दौड़ 14 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी, जिसकी आखिरी तारीख 14 जनवरी 2026 तय की गई थी। लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब NTA ने 18 जनवरी से 20 जनवरी 2026 तक एक 'करेक्शन विंडो' खोलने का ऐलान किया। इसका सीधा मतलब यह था कि अगर किसी छात्र ने आवेदन के समय गलती कर दी थी या वह अपना शहर बदलना चाहता था, तो उसे सुधार का मौका मिला। (सोचिए, आखिरी समय पर शहर बदलने की टेंशन कितनी कम हो गई होगी!)
परीक्षा केंद्रों का गणित और बदला हुआ स्वरूप
दिलचस्प बात यह है कि जहां शहरों के चयन का विकल्प बढ़ा है, वहीं कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या में कुछ कटौती देखी गई है। पिछले साल जहां 312 शहरों में परीक्षा आयोजित की गई थी, वहीं इस बार यह संख्या घटकर 292 रह गई है। इसमें भारत के भीतर 276 केंद्र और विदेशों में 16 केंद्र शामिल किए गए हैं।
छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने स्थायी या वर्तमान निवास राज्य के भीतर ही शहरों का चुनाव करें, हालांकि यह पूरी तरह से केंद्रों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। यहाँ एक बात साफ है कि NTA सुविधा देना चाहता है, लेकिन सीटें सीमित होने पर उन्हें उपलब्ध विकल्पों के हिसाब से ही सेंटर अलॉट करने होंगे।
परीक्षा का शेड्यूल और एडमिट कार्ड का खेल
यह पूरी परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई। इसकी तारीखें 6 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 के बीच तय की गईं। एडमिट कार्ड्स को लेकर NTA ने चरणों वाला तरीका अपनाया। पहला बैच 3 मार्च 2026 को जारी हुआ, जो उन लोगों के लिए था जिनकी परीक्षा 6 से 10 मार्च के बीच थी। इसके बाद 7, 12 और 18 मार्च को अगले बैच जारी किए गए।
परीक्षा के दिनों का माहौल काफी व्यस्त रहा। हर दिन तीन शिफ्ट में एग्जाम हुए। उदाहरण के लिए, 9 मार्च 2026 (चौथे दिन) की पहली शिफ्ट सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक चली। समय का यह सटीक प्रबंधन लाखों छात्रों को एक ही समय पर संभालने की चुनौती थी।
सिलेबस और पैटर्न: क्या कुछ बदला?
कई छात्रों के मन में यह डर था कि केंद्रों के बदलाव के साथ परीक्षा के पैटर्न में भी कुछ फेरबदल होगा, लेकिन NTA ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है। परीक्षा का ढांचा और विषयों की सूची बिल्कुल वैसी ही रही जैसी पहले थी।
- कुल विषय: 157 अलग-अलग विषयों के लिए परीक्षा ली गई।
- समय सीमा: हर विषय के पेपर के लिए ठीक 90 मिनट का समय मिला।
- भाषाई विकल्प: हिंदी और अंग्रेजी समेत कुल 13 भाषाओं में परीक्षा उपलब्ध थी।
इस स्थिरता ने छात्रों को एक तरह का मानसिक सुकून दिया कि उन्हें केवल सेंटर की चिंता करनी है, सिलेबस की नहीं।
रिजल्ट और उत्तर कुंजी: अंतिम चरण की प्रक्रिया
परीक्षा खत्म होने के बाद का इंतजार सबसे कठिन होता है। NTA ने 11 अप्रैल 2026 को प्रोविजनल आंसर Key जारी की, जिससे छात्रों को अपने प्रदर्शन का अंदाजा हो गया। इसके बाद 14 अप्रैल 2026 तक आपत्तियों और चुनौतियों को दर्ज करने का मौका दिया गया। यह एक पारदर्शी प्रक्रिया है ताकि किसी भी गलत सवाल या जवाब को समय रहते सुधारा जा सके।
अंततः, 24 अप्रैल 2026 को परिणाम घोषित कर दिए गए। उम्मीदवारों ने NTA की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/cuet-pg पर जाकर अपने क्रेडेंशियल्स के जरिए रिजल्ट डाउनलोड किए। इस तरह 2026-2027 शैक्षणिक सत्र का यह लंबा चक्र पूरा हुआ।
समावेशी दृष्टिकोण और भविष्य की राह
एक और खास बात जो इस बार देखने को मिली, वह थी उम्र की कोई सीमा न होना। चाहे कोई 21 साल का हो या 40 का, पीजी की पढ़ाई के लिए दरवाजे सबके लिए खुले थे। यह कदम शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा इशारा है।
कुल मिलाकर, परीक्षा शहरों के चयन में 2 से बढ़ाकर 4 विकल्प करना एक व्यावहारिक कदम था। इससे न केवल यात्रा का खर्च कम हुआ, बल्कि परीक्षा के दिन छात्रों का मानसिक तनाव भी घटा। अब उम्मीद यह है कि आने वाले सालों में केंद्रों की संख्या को और बढ़ाया जाए ताकि किसी को भी अपने शहर से बाहर न जाना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
CUET PG 2026 में परीक्षा शहर चुनने के नियमों में क्या बदलाव हुआ?
सबसे बड़ा बदलाव यह था कि अब उम्मीदवार अपनी पसंद के अधिकतम चार परीक्षा शहरों का चयन कर सकते थे, जबकि पहले यह सीमा केवल दो शहरों की थी। इसका उद्देश्य छात्रों को उनके घर के करीब परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना था।
करेक्शन विंडो का क्या महत्व था और यह कब खुली थी?
करेक्शन विंडो 18 जनवरी से 20 जनवरी 2026 तक खुली थी। इसके जरिए उन छात्रों को मौका मिला जिन्होंने आवेदन फॉर्म भर दिया था लेकिन अपने चुने हुए परीक्षा शहरों में बदलाव करना चाहते थे या कोई गलती सुधारना चाहते थे।
क्या इस साल परीक्षा केंद्रों की संख्या में कोई कमी आई है?
हाँ, पिछले साल की तुलना में केंद्रों की संख्या कम हुई है। पिछले साल 312 शहरों में परीक्षा हुई थी, जबकि 2026 में यह संख्या घटकर 292 रह गई, जिसमें 276 भारतीय और 16 विदेशी केंद्र शामिल थे।
CUET PG 2026 के रिजल्ट और आंसर Key कब जारी किए गए?
प्रोविजनल आंसर Key 11 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी और चुनौतियों के लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया था। अंतिम परिणाम 24 अप्रैल 2026 को आधिकारिक पोर्टल पर घोषित किए गए।
क्या इस परीक्षा के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित थी?
नहीं, CUET PG 2026 के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा तय नहीं की गई थी। इसका मतलब है कि किसी भी उम्र का व्यक्ति जो पोस्टग्रेजुएट कोर्स करना चाहता है, वह इस परीक्षा में शामिल हो सकता था।
Nikita Roy
अप्रैल 27, 2026 AT 02:47सबके लिए बहुत अच्छा है ये
Anil Kapoor
अप्रैल 27, 2026 AT 05:02चार शहर देने से कुछ नहीं होगा, असली समस्या तो सेंटर की मैनेजमेंट है। NTA हर बार कुछ न कुछ नया करता है पर ग्राउंड लेवल पर चीजें वैसी ही रहती हैं। लोग इसे बड़ी राहत कह रहे हैं लेकिन असल में यह सिर्फ एक दिखावा है क्योंकि अंत में आपको वही सेंटर मिलता है जहाँ जगह खाली होती है।
Arun Prasath
अप्रैल 27, 2026 AT 05:35यह वास्तव में एक सकारात्मक कदम है। परीक्षा केंद्रों के विकल्पों को बढ़ाने से छात्रों के यात्रा समय और खर्च में कमी आएगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
SAURABH PATHAK
अप्रैल 27, 2026 AT 12:18भाई ये सब तो ठीक है पर क्या किसी ने ये सोचा कि सेंटर कम क्यों हुए? 312 से 292 पर आना कोई छोटी बात नहीं है। मुझे लगता है कि NTA कुछ सेंटर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर चुका है। वैसे भी आधे से ज्यादा लोग तो लास्ट मोमेंट पर सिटी चेंज करते हैं, चाहे विंडो खुली हो या नहीं।
Priya Menon
अप्रैल 27, 2026 AT 16:29सेंटर्स की संख्या कम होना वास्तव में चिंताजनक है। जब विकल्प बढ़ाए गए हैं तो बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाना चाहिए था न कि कटौती की जानी चाहिए थी।
Jivika Mahal
अप्रैल 29, 2026 AT 03:08अरे यार ये तो बहुत बढ़िया खबर है! अब छोटे शहरों के बच्चों को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। बस सब टाइम पर फॉर्म भर देना और करेक्शन विंडो का सही इस्तेमाल करना, वरना बाद में पछतावा होगा। मेहनत करो और अच्छे कॉलेज में जाओ दोस्तों!
Kartik Shetty
अप्रैल 29, 2026 AT 03:51व्यवस्था की विसंगतियों को सुधारना एक निरर्थक प्रयास है जब तक कि मानसिकता न बदले
vipul gangwar
अप्रैल 30, 2026 AT 02:07सब अपनी जगह सही हैं, बस उम्मीद है कि इस बार कोई टेक्निकल ग्लिच न हो।
Sharath Narla
अप्रैल 30, 2026 AT 08:23वाह! NTA ने तो कमाल कर दिया। अब 4 शहर चुनकर हम अपनी किस्मत को 4 बार आजमा सकते हैं कि शायद इस बार हमें घर के पास वाला सेंटर मिल जाए। बहुत ही 'क्रांतिकारी' बदलाव है।
Pradeep Maurya
मई 2, 2026 AT 05:36भारत जैसे विशाल देश में जहाँ शिक्षा की पहुँच हर कोने तक पहुँचाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए, वहाँ परीक्षा केंद्रों की संख्या घटाना एक विरोधाभास है। जब हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बुनियादी सुविधाएँ जैसे परीक्षा केंद्र हर छात्र के लिए सुलभ हों, ताकि किसी भी प्रतिभाशाली युवा को केवल यात्रा की कठिनाइयों के कारण पीछे न छूटना पड़े। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की शैक्षिक समावेशिता का प्रश्न है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
megha iyer
मई 3, 2026 AT 23:17मुझे तो ये सब बहुत सिंपल लगता है। बस शहर चुनो और एग्जाम दो। ज्यादा सोचने की जरूरत क्या है।
Paul Smith
मई 5, 2026 AT 02:23मेरे प्यारे छात्रों, हमेशा याद रखो कि चुनौतियाँ ही हमें मजबूत बनाती हैं! चाहे सेंटर घर से दूर हो या पास, असली जीत आपकी तैयारी और लगन से होती है। बस अपनी पढ़ाई पर फोकस करो और खुद पर विश्वास रखो, सफलता कदम चूमेगी। इस बार की प्रक्रिया में जो लचीलापन आया है वह हम सबके लिए एक मौका है कि हम बिना किसी तनाव के अपनी योग्यता साबित करें। बस सही समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करना मत भूलना!
Anu Taneja
मई 6, 2026 AT 22:29उम्मीद है कि यह बदलाव सभी के लिए मददगार साबित होगा।