IT सेक्टर में 18 साल की सबसे बड़ी गिरावट: LIC और MF को ₹1.2 लाख करोड़ का नुकसान

IT सेक्टर में 18 साल की सबसे बड़ी गिरावट: LIC और MF को ₹1.2 लाख करोड़ का नुकसान

फरवरी 2026 ने भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक काला अध्याय लिख दिया। Nifty IT Index में 21% की भारी गिरावटभारत ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद किसी भी महीने में आई सबसे तेज पतन कहानी है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं: LIC और घरेलू म्यूचुअल फंड्स को इस 'ब्लडबैथ' में कुल मिलाकर लगभग ₹1.18 लाख करोड़ का काल्पनिक नुकसान हुआ है।

मामला सिर्फ अंकों तक सीमित नहीं है। जब Infosys के शेयर 23% टूटे और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयर 18% की गिरावट दर्ज करें, तो समझ आता है कि बाजार में क्या हलचल है। 24 फरवरी 2026 को ही एक दिन में Nifty IT इंडेक्स में 5% की तूफानी गिरावट आई, जिससे निवेशकों में पैनी चिंता फैली।

बड़ी संस्थाओं पर पड़ा आर्थिक प्रहार

इस गिरावट का सबसे बड़ा झटका उन दो विशालकाय संस्थाओं को लगा जिन्हें हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। Life Insurance Corporation of India (LIC) के आईटी पोर्टफोलियो की वैल्यू में पिछले दो महीनों (दिसंबर 2025 से फरवरी 2026) में ₹42,500 करोड़ की कमी आई है। यह नुकसान अभी 'नोटोनियल' (काल्पनिक) है, यानी शेयर बेचे नहीं गए, लेकिन उनकी कीमत गिर गई है।

दूसरी ओर, Association of Mutual Funds in India (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू म्यूचुअल फंड्स की स्थिति भी खराब है। जनवरी 2026 के अंत में टॉप आईटी शेयरों में फंड्स की हिस्सेदारी ₹3,55,600 करोड़ थी, जो 24 फरवरी 2026 तक घटकर ₹2,80,933 करोड़ रह गई। इसका मतलब है कि सिर्फ चार हफ्तों में म्यूचुअल फंड्स को ₹74,666 करोड़ का नुकसान हुआ है।

यह नुकसान सीधे तौर पर उन लाखों आम निवेशकों को प्रभावित करता है जो SIP या अन्य योजनाओं के जरिए आईटी फंड्स में पैसा लगाते हैं। उनके फंडों का NAV (Net Asset Value) इस वैल्यू एरोजन से सीधा असर खा रहा है।

कंपनियों की सूची और गिरावट का पैमाना

गिरावट सिर्फ दो दिग्गजों तक सीमित नहीं रही। बाजार में एक व्यापक सफाई हुई। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार:

  • Infosys: 23% गिरावट
  • TCS: 18% गिरावट
  • HCL Technologies, Persistent Systems, Tech Mahindra, Coforge, LTI Mindtree: इन सभी कंपनियों के शेयरों में मासिक आधार पर कम से कम 20% की गिरावट दर्ज की गई।

लाइव इंडिया की रिपोर्ट में उल्लेख है कि 24 फरवरी के सत्र में LTI Mindtree, Tech Mahindra और अन्य शेयरों में 5.2% से 6.5% तक की दैनिक गिरावट देखी गई। दो दिग्गज कंपनियों (Infosys और TCS) के संयुक्त रूप से LIC और म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो पर ₹26,510 करोड़ का प्रभाव पड़ा है।

गिरावट के पीछे के कारण: AI और वैश्विक अनिश्चितता

गिरावट के पीछे के कारण: AI और वैश्विक अनिश्चितता

विश्लेषकों का मानना है कि यह कोई मामूली सुधार नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  1. AI और ऑटोमेशन का खतरा: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उभार ने पारंपरिक आईटी सेवा मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं। बाजार डरा हुआ है कि AI के बढ़ते उपयोग से आईटी कंपनियों की भविष्य की आय और मार्जिन पर असर पड़ेगा।
  2. वैश्विक आईटी खर्च में कटौती: अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण कंपनियां अपने आईटी खर्च कम कर रही हैं।
  3. डॉलर और ब्याज दरें: अमेरिकी डॉलर की चाल और वैश्विक ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव ने विदेशी और घरेलू निवेशकों की भावना को नकारात्मक बनाया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट विशेष रूप से AI को Nifty IT इंडेक्स में 21% महीने की गिरावट का प्रमुख कारण बताती है। बाजार अब पुराने मॉडल पर भरोसा नहीं कर रहा, बल्कि AI-आधारित समाधानों के प्रभाव को लेकर चिंतित है।

भविष्य क्या ले कर आएगा?

भविष्य क्या ले कर आएगा?

क्या यह गिरावट रुकेगी? रिपोर्टों में भविष्य के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है। तब तक जब तक वैश्विक आईटी खर्च, अमेरिका-यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति और AI से जुड़ी चुनौतियों पर स्पष्टता नहीं आती, निवेशकों की भावना दबाव में रहेगी।

हालांकि, यह नुकसान अभी काल्पनिक है। यदि भविष्य में आईटी शेयरों में रिकवरी आती है, तो LIC और म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो की वैल्यू में भी सुधार संभव है। लेकिन 18 साल के इस लंबे अंतराल के बाद ऐसा देखना कि क्षेत्र को इतने बड़े स्तर पर वैल्यू एरोजन का सामना करना पड़ रहा है, निवेशकों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।

Frequently Asked Questions

क्या LIC और म्यूचुअल फंड्स का नुकसान वास्तविक है?

नहीं, यह नुकसान वर्तमान में 'नोटोनियल' या काल्पनिक है। इसका मतलब है कि संस्थाएं अपने शेयर नहीं बेच रही हैं, बल्कि शेयरों के बाजार मूल्य में आई गिरावट के कारण उनके पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू कम हो गई है। यदि शेयर कीमतें वापस बढ़ती हैं, तो यह नुकसान कम हो सकता है।

आम निवेशकों (SIP investors) पर इसका क्या असर होगा?

जो निवेशक आईटी फंड्स या आईटी एक्सपोजर वाले म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिए निवेश करते हैं, उनके फंड का NAV (Net Asset Value) गिर सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह मौका हो सकता है कि वे सस्ते दाम पर अधिक यूनिट खरीद सकें, लेकिन छोटी अवधि के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है।

आईटी सेक्टर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन का बढ़ता प्रभाव, वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च में कटौती, और अमेरिका-यूरोप में आर्थिक अनिश्चितताएं शामिल हैं। निवेशक चिंतित हैं कि AI पारंपरिक आईटी सेवा मॉडल को बदल देगा, जिससे कंपनियों की भविष्य की आय प्रभावित हो सकती है।

क्या यह गिरावट 2008 के संकट जैसी है?

रिपोर्टों के अनुसार, यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद आईटी सेक्टर में किसी भी महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि, 2008 का संकट व्यापक आर्थिक मंदी था, जबकि वर्तमान गिरावट मुख्य रूप से आईटी सेक्टर की संरचनात्मक चुनौतियों (जैसे AI) और वैश्विक खर्च में कटौती से जुड़ी है।

Infosys और TCS के शेयरों में कितनी गिरावट आई?

फरवरी 2026 के दौरान, Infosys के शेयरों में लगभग 23% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में 18% की गिरावट आई। ये दोनों कंपनियां Nifty IT इंडेक्स के सबसे बड़े घटक हैं, इसलिए इनकी गिरावट ने पूरे इंडेक्स को काफी प्रभावित किया।