SBI ने TCS को पछाड़ा: देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनने का इतिहास

SBI ने TCS को पछाड़ा: देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनने का इतिहास

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में 11 फरवरी 2026 एक ऐसी तारीख है जो कदाचित् भूलना मुश्किल होगा। उस दिन State Bank of India (SBI) ने अपने प्रतिद्वंदी Tata Consultancy Services (TCS) को पीछे छोड़ दिया और भारत की चौथी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गई। यह कोई मामूली बदलाव नहीं था; यह बैंकिंग सेक्टर के उभार और IT सेक्टर के संघर्ष का एक स्पष्ट संकेत था।

बाजार में जो हुआ, वह देखने लायक था। बुधवार के कारोबारी सत्र में SBI के शेयरों में अजीब सी उत्तेजना थी। Bombay Stock Exchange (BSE) पर शेयर 3.40% की वृद्धि के साथ 1,183 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ, जबकि National Stock Exchange (NSE) पर यह 3.23% बढ़कर 1,181.10 रुपये पर स्थिर रहा। दिन भर के दौरान खरीदारों की भीड़ इतनी जमा रही कि शेयर लगभग चार प्रतिशत तक उछलकर अपना नया 52-साप्ताहिक उच्च स्तर 1,187.70 रुपये छू गया।

बाजार पूंजीकरण में ऐतिहासिक मोड़

आइए थोड़ा गहराई में जाएं। इस तेजी का सीधा असर कंपनी के कुल बाजार मूल्यंकन (Market Capitalization) पर पड़ा। सत्र के अंत में SBI का मार्केट कैप 10,91,982.06 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दूसरी ओर, TCS के शेयरों में 2.5% की गिरावट देखी गई, जिससे उसका बाजार पूंजीकरण घटकर 10,52,646.38 करोड़ रुपये रह गया। सरकारी बैंक ने आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी को पीछे धकेल दिया।

यह परिवर्तन भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों की रैंकिंग में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब Reliance Industries देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है, इसके बाद HDFC Bank दूसरे स्थान पर है और Bharti Airtel तीसरे स्थान पर। SBI अब चौथे स्थान पर आ गई है। यह क्रम दर्शाता है कि निवेशकों का रुख अब पारंपरिक बैंकिंग और आधारभूत ढांचे की ओर झुका है।

SBI के शानदार वित्तीय परिणाम

शेयरों में यह तेजी बिना किसी कारण की नहीं थी। पिछले सप्ताह ही SBI ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही (Q3 FY2026) के नतीजे जारी किए थे, जो निवेशकों के लिए एक उपहार साबित हुए। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक ने 21,028 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक मुनाफा हासिल करने की घोषणा की। यह संख्या बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बैंक का रिकॉर्ड लाभ है।

बैंक की कोर आय, यानी ब्याज से उसकी कुल आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 41,446 करोड़ रुपये से 9.04% बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई है। ऋण (लोन) बांटने के मोर्चे पर भी बैंक ने बेहद मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसमें 15.14% की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 0.03% का मामूली दबाव देखा गया, लेकिन समग्र रूप से ऋण वृद्धि ने मुनाफे को सहारा प्रदान किया।

गैर-ब्याज आय में सुधार

बैंक की गैर-ब्याज आय (non-interest income) में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। दिसंबर तिमाही में यह 15.65% बढ़कर 8,404 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ये सभी आय वृद्धि के स्रोत बैंक के लाभ में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। निवेशकों ने इन आंकड़ों को देखा और उन्हें यह एहसास हुआ कि SBI अब सिर्फ एक बैंक नहीं, बल्कि एक वित्तीय तावर है।

TCS के लिए चुनौतीपूर्ण समय

दूसरी ओर, TCS के लिए यह दिन कमाल का नहीं था। आईटी सेक्टर पर वैश्विक मंदी के प्रभाव अभी भी जागरूक हैं। TCS के शेयरों में 2.5% की गिरावट ने दिखा दिया कि निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। जब तक आईटी सेवाओं में नई मांग नहीं देखी जाती, TCS को अपनी शीर्ष स्थिति बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

निवेशकों के लिए क्या संदेश?

निवेशकों के लिए क्या संदेश?

यह घटना निवेशकों के लिए एक स्पष्ट संदेश है: बाजार की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। अब निवेशक उन कंपनियों की ओर झुक रहे हैं जो स्थिर आय और मजबूत बैलेंस शीट प्रस्तुत करती हैं। SBI का यह प्रदर्शन बताता है कि यदि एक कंपनी अपने मूल कार्य (core business) में सफल हो, तो बाजार उसे अवश्य सम्मान देगा।

आगे क्या देखना चाहिए? निवेशकों को SBI के आने वाले तिमाही परिणामों और सरकार की बैंकिंग नीतियों पर नज़र रखनी चाहिए। अगर SBI इस गति को बनाए रखता है, तो वह शीर्ष तीन कंपनियों की रेस में भी शामिल हो सकता है।

Frequently Asked Questions

SBI ने TCS को क्यों पछाड़ा?

SBI ने अपने Q3 FY2026 के शानदार वित्तीय परिणामों के कारण TCS को पछाड़ा। बैंक ने 21,028 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया और उसकी ब्याज आय में 9.04% की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, TCS के शेयरों में गिरावट आई, जिससे उसका बाजार पूंजीकरण घटा।

भारत की शीर्ष 4 कंपनियां कौन सी हैं?

11 फरवरी 2026 के बाद भारत की शीर्ष 4 कंपनियों की सूची इस प्रकार है: 1. Reliance Industries, 2. HDFC Bank, 3. Bharti Airtel, और 4. State Bank of India (SBI)। SBI ने इस सूची में प्रवेश करके TCS को पांचवे स्थान पर धकेल दिया।

SBI के शेयरों की वर्तमान कीमत क्या है?

11 फरवरी 2026 को BSE पर SBI के शेयर 1,183 रुपये पर बंद हुए, जो कि पिछले बंद होने की तुलना में 3.40% की वृद्धि है। NSE पर यह 1,181.10 रुपये पर बंद हुआ। दिन भर में शेयर ने 1,187.70 रुपये का नया 52-साप्ताहिक उच्च स्तर छुआ।

SBI के वित्तीय परिणामों में क्या खास था?

SBI ने स्टैंडअलोन आधार पर 21,028 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया। इसके अलावा, ब्याज आय 45,190 करोड़ रुपये हो गई (9.04% वृद्धि), ऋण वितरण में 15.14% की वृद्धि हुई, और गैर-ब्याज आय 8,404 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

क्या यह बदलाव स्थायी होगा?

यह देखना बाकी है। हालांकि SBI के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य ने इसे अस्थायी रूप से शीर्ष स्थान दिया है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिति दोनों कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन और बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगी। बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का विश्वास बढ़ने से SBI को लाभ हो सकता है।